सेवानिवृत्ति के प्रकार
| प्रकार | नियम |
|---|---|
| अधिवर्षिता | 60 वर्ष की आयु पर (13.05.1998 से), सेवा अभिलेख में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर |
| समयपूर्व सेवानिवृत्ति | 55 वर्ष की आयु या 30 वर्ष की अर्हक सेवा के बाद, कर्मचारी के विकल्प पर या जनहित में आदेश से, 3 महीने के नोटिस के साथ (प्रशासन द्वारा सेवानिवृत्त करने पर नोटिस के बदले वेतन) |
| स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति | 01.01.2006 से, न्यूनतम 10 वर्ष की अर्हक सेवा के बाद (पहले 20), 3 महीने के नोटिस के साथ; पुरानी 5 वर्ष की अतिरिक्त गणना वापस ली गई |
| चिकित्सीय अक्षमता | जब आगे की सेवा के लिए चिकित्सीय रूप से अयोग्य घोषित हो, या कर्मचारी वैकल्पिक नौकरी अस्वीकार करे |
भारतीय रेल पर पेंशन योजनाएँ
- 16.11.1957 से पहले रेल कर्मचारी अंशदायी राज्य रेलवे भविष्य निधि (एसआरपीएफ) के अंतर्गत थे। 16.11.1957 से पेंशन योजना ने इसकी जगह ली।
- पुरानी पेंशन योजना 16.11.1957 से 31.12.2003 तक नियुक्त कर्मचारियों पर लागू है।
- 01.01.2004 को या उसके बाद नियुक्त कर्मचारी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के अंतर्गत आते हैं, जो परिभाषित अंशदान योजना है।
- असाधारण पेंशन नियम तब विकलांगता या पारिवारिक पेंशन देते हैं जब कर्मचारी रेल सेवा के कारण हुई चोट या बीमारी से विकलांग हो या उसकी मृत्यु हो; ये कर्मचारी प्रतिकर अधिनियम के अंतर्गत आने वालों पर लागू नहीं होते।
| सामान्य पेंशन का वर्ग | कब दी जाती है |
|---|---|
| अधिवर्षिता पेंशन | 60 वर्ष पर सेवानिवृत्ति पर |
| सेवानिवृत्ति पेंशन | 30 वर्ष की अर्हक सेवा या 55 वर्ष की आयु के बाद स्वैच्छिक या समयपूर्व सेवानिवृत्ति पर |
| अशक्तता पेंशन | चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित स्थायी अक्षमता पर (अनियमित या असंयमी आदतों के कारण होने पर नहीं) |
| प्रतिकर पेंशन | स्थायी पद समाप्त होने और समान पद न मिलने पर सेवामुक्ति पर; कम से कम 3 महीने का नोटिस या उसके बदले वेतन |
पेंशन की गणना
- पेंशन = अंतिम मूल वेतन का 50%, कम से कम 10 वर्ष की अर्हक सेवा वाले कर्मचारी के लिए।
- 10 वर्ष से कम अर्हक सेवा पर पेंशन के बदले एकमुश्त सेवा ग्रेच्युटी मिलती है: प्रत्येक पूर्ण छमाही अवधि के लिए आधे महीने का मूल वेतन और महंगाई भत्ता।
- लोको रनिंग स्टाफ के लिए पेंशन और ग्रेच्युटी की गणना में मूल वेतन का 30% वेतन में जोड़ा जाता है।
- वृद्धावस्था पर अतिरिक्त पेंशन: 80 वर्ष से मूल पेंशन का 20%, 85 से 30%, 90 से 40%, 95 से 50% और 100 वर्ष से 100%।
- सेवा से हटाए गए या बर्खास्त कर्मचारी को पेंशन या ग्रेच्युटी के 2/3 तक अनुकंपा भत्ता मिल सकता है, पर केवल तब जब उसकी अर्हक सेवा कम से कम 10 वर्ष हो।
पारिवारिक पेंशन
- पारिवारिक पेंशन = अंतिम मूल वेतन का 30%, न्यूनतम Rs 9,000 प्रति माह।
- यदि कर्मचारी की मृत्यु सेवा में हो, तो मृत्यु की तारीख से 10 वर्ष तक अंतिम मूल वेतन के 50% की दर से बढ़ी हुई पारिवारिक पेंशन मिलती है।
- श्रेणी I: विधवा या विधुर (मृत्यु या पुनर्विवाह तक) और संतान, विवाह, कमाने या 25 वर्ष की आयु तक, जो पहले हो।
- श्रेणी II: अविवाहित, विधवा या तलाकशुदा पुत्रियाँ और पूरी तरह आश्रित माता-पिता, केवल श्रेणी I के सदस्यों के अपात्र होने के बाद देय।
- निःसंतान विधवा पुनर्विवाह के बाद भी तब तक पारिवारिक पेंशन पाती है जब तक उसकी अपनी आय न्यूनतम पारिवारिक पेंशन तक न पहुँच जाए।
ड्यूटी पर मृत्यु: अनुग्रह राशि
- ड्यूटी पर दुर्घटना, या आतंकवादियों या असामाजिक तत्वों की हिंसा से मृत्यु: परिवार को Rs 25 लाख।
- निर्दिष्ट ऊँचाई वाली दुर्गम सीमा चौकियों पर प्राकृतिक आपदा या अत्यधिक मौसम से मृत्यु: Rs 35 लाख।
- रक्षा मंत्रालय द्वारा निर्दिष्ट युद्ध में शत्रु कार्रवाई से मृत्यु: Rs 45 लाख।
परीक्षा पर ध्यान
10 वर्ष के बाद पेंशन अंतिम वेतन का 50%; पारिवारिक पेंशन 30% (न्यूनतम Rs 9,000), सेवा में मृत्यु पर 10 वर्ष तक बढ़ी हुई 50%; 3 महीने के नोटिस के साथ 10 वर्ष बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति; 55 वर्ष या 30 वर्ष सेवा पर समयपूर्व सेवानिवृत्ति; 01.01.2004 से नियुक्त होने वालों के लिए एनपीएस।