कर्मकार प्रतिकर अधिनियम 1923 में बना और 01.07.1924 से लागू हुआ। 2009 के संशोधन ने 'कर्मकार' के स्थान पर 'कर्मचारी' शब्द रखा, इसलिए अब यह कर्मचारी प्रतिकर अधिनियम है। इसका उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा है: दुर्घटना या व्यावसायिक रोग से घायल कर्मचारी को, या कर्मचारी की मृत्यु पर आश्रितों को, प्रतिकर देना।
प्रतिकर कब देय है
- दुर्घटना रोज़गार 'से उत्पन्न' (कारण संबंध) और रोज़गार 'के दौरान' (नियोक्ता के नियंत्रण में रहते हुए) होनी चाहिए।
- चोट के मामले में विकलांगता कम से कम 3 दिन रहनी चाहिए।
- अनुसूची III में सूचीबद्ध व्यावसायिक रोग भी शामिल हैं।
- रेलवे में यह अधिनियम रेलवे अधिनियम, 1989 में परिभाषित रेल कर्मचारियों पर लागू है, सिवाय प्रशासनिक, ज़िला या उप-मंडल कार्यालयों में स्थायी रूप से नियोजित लोगों के; 2009 के बाद कवरेज की कोई वेतन सीमा नहीं।
कब मना किया जा सकता है (केवल चोट के मामले)
- कर्मचारी शराब या मादक पदार्थ के प्रभाव में था।
- कर्मचारी की सुरक्षा के लिए बने आदेश या नियम की जानबूझकर अवज्ञा।
- सुरक्षा गार्ड या उपकरण को जानबूझकर हटाना या उसकी अनदेखी।
- कर्मचारी की मृत्यु होने पर ये बचाव लागू नहीं होते।
प्रतिकर की राशि
| दुर्घटना का परिणाम | प्रतिकर |
|---|---|
| मृत्यु | मासिक वेतन का 50% × संबंधित गुणक, या Rs 1,20,000, जो अधिक हो |
| स्थायी पूर्ण विकलांगता | मासिक वेतन का 60% × संबंधित गुणक, या Rs 1,40,000, जो अधिक हो |
| स्थायी आंशिक विकलांगता | कमाई क्षमता की हानि के अनुपात में (अनुसूची I या डॉक्टर के आकलन के अनुसार) |
| अस्थायी विकलांगता | मासिक वेतन के 25% का अर्धमासिक भुगतान, विकलांगता की अवधि या 5 वर्ष, जो कम हो |
- 'संबंधित गुणक' अनुसूची IV से आता है और कर्मचारी की पिछले जन्मदिन की आयु पर निर्भर करता है; आयु बढ़ने पर यह घटता है (उदाहरण के लिए 20 वर्ष पर 224.00 और 50 वर्ष पर 153.09)।
- केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित सीमा से अधिक मासिक वेतन को गणना में उसी सीमा के बराबर माना जाता है। यह सीमा 2010 से Rs 8,000 थी और जनवरी 2020 की अधिसूचना से Rs 15,000 कर दी गई।
- अस्थायी विकलांगता के अर्धमासिक भुगतान 16वें दिन से शुरू होते हैं: विकलांगता 28 दिन या अधिक रहने पर विकलांगता की तारीख से, अन्यथा 3 दिन की प्रतीक्षा अवधि के बाद।
- यदि नियोक्ता एक महीने से अधिक देरी करे, तो आयुक्त 12% वार्षिक साधारण ब्याज और, देरी अनुचित होने पर, राशि के 50% तक जुर्माने का आदेश दे सकता है।
- मृत्यु का प्रतिकर, या किसी महिला या कानूनी अक्षमता वाले व्यक्ति को एकमुश्त राशि, सीधे नहीं बल्कि आयुक्त के पास जमा करनी होती है।
| अनुसूची | विषय |
|---|---|
| I | चोटें और कमाई क्षमता की % हानि (जैसे दोनों हाथों की हानि = 100%) |
| II | शामिल कर्मचारियों के वर्ग |
| III | व्यावसायिक रोग |
| IV | प्रतिकर की गणना के लिए आयु के अनुसार गुणक |
श्रम संहिताएँ
चार श्रम संहिताएँ 21 नवंबर 2025 से लागू हैं। सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 अब इस अधिनियम को समेकित करती है। विभागीय प्रश्नपत्र अब भी अधिनियम के नाम से प्रश्न पूछते हैं, इसलिए ऊपर दिए प्रावधान सीखें, पर बदले हुए आँकड़ों के लिए वर्तमान आदेश देखें।