रेलवे कार्यशालाएं (लोको शेड, कैरिज एवं वैगन शॉप) लेथ, क्रेन, कंप्रेसर तथा अन्य मशीन टूल्स हेतु विद्युत ड्राइव संचालित करती हैं। AEE अभ्यर्थियों से सामान्य मोटर प्रकारों तथा किसी दिए गए भार हेतु ड्राइव चयन की जानकारी अपेक्षित है।
अनुप्रयोग अनुसार सामान्य मोटर प्रकार
- तीन-फेज़ स्क्विरल-केज इंडक्शन मोटर — स्थिर गति भारों (पंप, कंप्रेसर, पंखे, अधिकांश मशीन टूल्स) के लिए डिफ़ॉल्ट विकल्प।
- स्लिप-रिंग (वाउंड-रोटर) इंडक्शन मोटर — जहां नियंत्रित प्रारंभिक धारा के साथ उच्च प्रारंभिक टॉर्क आवश्यक हो, जैसे क्रेन एवं होइस्ट।
- डीसी मोटर — पुराने परिवर्तनशील-गति अनुप्रयोगों में प्रयुक्त; आधुनिक कार्यशालाओं में VFD-चालित AC मोटरों द्वारा अधिकांशतः प्रतिस्थापित।
- वेरिएबल फ्रीक्वेंसी ड्राइव (VFD) — अब AC इंडक्शन मोटरों की गति नियंत्रण हेतु मानक, पुरानी DC ड्राइव प्रणालियों का स्थान ले रहे हैं।
इंडक्शन मोटरों हेतु प्रारंभिक विधियां
- डायरेक्ट-ऑन-लाइन (DOL) — सरलतम, परंतु उच्च प्रारंभिक धारा (पूर्ण-भार धारा का 5-7 गुना) लेता है; केवल छोटी मोटरों हेतु।
- स्टार-डेल्टा प्रारंभन — स्टार में प्रारंभ कर डेल्टा में स्विच करके प्रारंभिक धारा को लगभग एक-तिहाई कम करता है।
- ऑटो-ट्रांसफार्मर प्रारंभन एवं सॉफ्ट स्टार्टर — बड़ी मोटरों हेतु जिन्हें सुगम, कम इनरश प्रारंभन चाहिए।
सामग्री स्थिति
यह ड्राफ्ट नोट है, प्लेटफ़ॉर्म स्केलेटन हेतु स्वयं तैयार किया गया है। इसे अभी तक आधिकारिक RBE 14/2014 पाठ्यक्रम पीडीएफ के विरुद्ध सत्यापित नहीं किया गया है — सत्यापन तक केवल अध्ययन-सहायता मानें।