भारतीय रेलवे ने अपने ऊर्जा-दक्षता एवं स्थिरता लक्ष्यों के हिस्से के रूप में महत्वपूर्ण विद्युतीकरण एवं नवीकरणीय-ऊर्जा अपनाने (सौर, पवन, बायोमास) की प्रतिबद्धता जताई है। इस क्षेत्र में AEE-स्तरीय प्रश्न दक्षता अवधारणाओं (ऊर्जा लेखा परीक्षा, पावर फैक्टर) एवं रेलवे नवीकरणीय-ऊर्जा पहलों की जागरूकता दोनों की जांच करते हैं।
पावर फैक्टर एवं ऊर्जा दक्षता
पावर फैक्टर
cos φ = Real Power (kW) / Apparent Power (kVA)
निम्न पावर फैक्टर का अर्थ है समान वास्तविक शक्ति हेतु अधिक धारा खींची जाना, जिससे I²R हानि बढ़ती है तथा बड़े केबल/ट्रांसफार्मर की आवश्यकता होती है। पावर फैक्टर को एकता के निकट सुधारने हेतु सामान्यतः कैपेसिटर बैंकों का उपयोग किया जाता है।
- सौर ऊर्जा — स्टेशन भवनों एवं कार्यशालाओं पर छत सौर; ट्रैक्शन/नॉन-ट्रैक्शन भारों की आपूर्ति करने वाले बड़े भूमि-आधारित संयंत्र भी।
- पवन ऊर्जा — अनुकूल पवन संसाधन वाले चुनिंदा स्थानों पर उपयोग, प्रत्यक्ष कर्षण आपूर्ति के बजाय ग्रिड में फीड।
- ऊर्जा लेखा परीक्षा — डिपो/कार्यशालाओं में हानि बिंदुओं एवं दक्षता अवसरों की पहचान हेतु ऊर्जा खपत पैटर्न की व्यवस्थित समीक्षा।
सामग्री स्थिति
यह ड्राफ्ट नोट है, प्लेटफ़ॉर्म स्केलेटन हेतु स्वयं तैयार किया गया है। इसे अभी तक आधिकारिक RBE 14/2014 पाठ्यक्रम पीडीएफ के विरुद्ध सत्यापित नहीं किया गया है — सत्यापन तक केवल अध्ययन-सहायता मानें।