पुश पुल ट्रेनों के वास्तविक मुख्य लाभ
- A) बेहतर सुरक्षा: भारतीय रेलवे में घाट सेक्शन में खतरनाक गैर-सिंक्रोनाइज़्ड बैंकिंग संचालन की तुलना में वास्तविक सुरक्षित संचालन मोड; पुल-पुश मोड ट्रेन-सेट के समान सुरक्षा स्तर देता है।
- B) उच्च-गति ट्रेन संचालन हेतु सर्वाधिक किफायती विकल्प: मौजूदा रोलिंग स्टॉक एवं लोकोमोटिव उपयोग किए जा सकते हैं; कोच/लोको संशोधन की लागत नगण्य है — दो ट्रेन लाइनों हेतु वास्तविक लागत प्रति कोच रु. 3.5 लाख है, मात्रा बढ़ने पर आगे कम होने की अपेक्षा।
- C) वास्तविक संचालन लाभ: लंबी दूरी पर सघन यातायात का तेज़ संचालन; जहां ट्रेन दिशा उलटती है वहां इंजन उलटने की आवश्यकता नहीं (वास्तविक स्टेशन उदाहरण NGP, DD); हब एवं स्पोक ट्रेन संचालन — पिछले लोको से स्लिप कोच तुरंत ले जाए जा सकते हैं (वास्तविक उदाहरण: ट्रेन 11057 के चालीसगांव-धुले कोच); काफी कम ठहराव समय; तेज़ प्लेटफॉर्म-वापसी ट्रेनों हेतु उपयुक्त (विशेषकर डेड-एंड टर्मिनस स्टेशनों पर); उच्च त्वरण एवं तेज़ ब्रेकिंग सेक्शनीय क्षमता बढ़ाते हैं; उच्च यातायात मात्रा हेतु उच्च/लचीली परिवहन क्षमता; मौसमी यातायात भिन्नता हेतु ट्रेन-लंबाई बदलने की लचीलापन; सेक्शन ब्लॉकिंग की कोई संभावना नहीं; सिद्ध/परिपक्व प्रौद्योगिकियों से उच्च विश्वसनीयता।
'पुश एवं पुल' तकनीक 2 लोकोमोटिव रखती है — एक आगे, एक पीछे — अधिक स्थिरता प्रदान करते हुए। सामान्यतः एक ट्रेन-सेट में होटल-लोड हेतु 2 पावर कार होती हैं; पुश-पुल के साथ 2 संलग्न लोकोमोटिव इसके बजाय होटल लोड संभालते हैं, इसलिए पावर कार को कोच से बदला जा सकता है, क्षमता एवं राजस्व बढ़ाते हुए। वास्तविक मील का पत्थर: भारतीय रेलवे पर पहली पुल-पुश यात्री ट्रेन — CSMT-NZM राजधानी एक्सप्रेस — CSMT एवं NZM के बीच 13.2.2019 को सफलतापूर्वक चली। वास्तविक परिणाम: इसने घाट सेक्शन पर बैंकर लोकोमोटिव अटैच/डिटैच करने की आवश्यकता समाप्त की, एवं CSMT-NZM के बीच यात्रा समय वास्तविक 95 मिनट कम किया।
वास्तविक WAP7 पुश-पुल संशोधन (RDSO योजना)
वास्तविक RDSO पत्र सं. EL/3.1.35/4 दिनांक 11.12.2018 के अनुसार, पुश-पुल संचालन हेतु WAP7 लोको संशोधित करने की एक योजना जारी की गई, ELS/Ajni के वास्तविक 5 WAP7 लोको जोड़ों में लागू की गई। पुश-पुल मोड में, एक लोको रेक के आगे है ('मास्टर लोको') एवं एक पीछे ('स्लेव लोको')। संशोधन मास्टर एवं स्लेव दोनों लोको के प्रत्येक केबिन में 'D' पैनल पर एक अतिरिक्त BL स्विच, अतिरिक्त BPFA, एवं अतिरिक्त LSDJ जोड़ता है। 'A' पैनल पर वास्तविक ZTEL स्विच का नाम बदलकर ZNN स्विच किया गया है, न्यूट्रल सेक्शन नेगोशिएट करने हेतु उपयोग।
वास्तविक कपलर प्रणाली — IVC एवं UIC कपलर
WAP7 लोको में प्रत्येक केबिन साइड पर वास्तविक 4 कपलर प्रदान किए गए हैं: (i) IVC कपलर — 2 संख्या, होटल लोड की पावर कनेक्शन हेतु; होटल-लोड कन्वर्टर के ON कमांड पिन केवल IVC कपलर में प्रदान किए गए हैं। वास्तविक स्थितियां: होटल लोड कन्वर्टर-2 हेतु LP साइड, होटल लोड कन्वर्टर-1 हेतु ALP साइड। (ii) UIC कपलर — 2 संख्या: पुश-पुल संचालन हेतु LP साइड (केवल वास्तविक लोको 30579 व 30580 में MU हेतु ALP साइड पर अतिरिक्त कपलर प्रदान), होटल लोड कन्वर्टर हेतु ALP साइड।
लोको केबिन पर प्रदान किए गए UIC कपलर (होटल-लोड कन्वर्टर एवं पुश-पुल संचालन हेतु) फीमेल सॉकेट हैं; लोको केबिन पर प्रदान किए गए IVC कपलर (होटल-लोड कन्वर्टर पावर कनेक्शन हेतु) मेल कपलर हैं। रेक साइड पर, प्रत्येक पावर कार पुश-पुल संचालन हेतु दोनों तरफ (LH व RH) मेल सॉकेट रखती है — दोनों सॉकेट समानांतर में जुड़े हैं। पुश-पुल संचालन हेतु, दोनों सिरों पर मेल व फीमेल कपलर सहित एक फ्लेक्सिबल जम्पर चाहिए: मेल सिरा लोको केबिन पर LP-साइड फीमेल सॉकेट में जाता है, फीमेल सिरा पावर कार पर 2 मेल सॉकेट में से किसी में जाता है।
एक समान जम्पर पिछले पावर कार एवं स्लेव लोको को जोड़ता है। वास्तविक नोट: यद्यपि दोनों जम्पर 18-पिन हैं, इनका आंतरिक तार कनेक्शन भिन्न है — एक स्ट्रेट जम्पर कहलाता है, दूसरा क्रॉस्ड जम्पर। पुश-पुल संचालन में प्रत्येक में से एक अवश्य उपयोग होना चाहिए। यदि एक स्ट्रेट जम्पर मास्टर लोको को फ्रंट पावर कार से जोड़ता है, क्रॉस जम्पर को स्लेव लोको को रियर पावर कार से जोड़ना चाहिए, एवं विपरीत रूप से। वास्तविक 61375 IEC-अनुरूप संचार ट्रेन लाइन इस हेतु मॉड्यूलर कनेक्टर उपयोग करती है। वास्तविक तथ्य: लोको 30579 व 30580 हेतु एक अतिरिक्त स्ट्रेट एवं एक अतिरिक्त क्रॉस कपलर आवश्यक है; यह संशोधन सभी लोको तक विस्तारित करने की योजना है।
वास्तविक ऊर्जीकरण प्रक्रिया — मास्टर एवं स्लेव लोको
| वास्तविक कॉक/स्विच | वास्तविक मास्टर लोको | वास्तविक स्लेव लोको |
|---|---|---|
| Panto selector switch 85 | Auto | Auto mode |
| Feed pipe charging cock | Open | Close |
| BP charging cock 70 | Open | Open |
| Emergency exhaust cock | Open | Open |
| Dead movement cock 47 | Close | Close |
| Kaba key IG 38 | Open | Open |
वास्तविक नोट: मास्टर लोको में, पैंटो सेलेक्टर स्विच 85 को मैन्युअली चुना जाना चाहिए ताकि पिछला पेंटोग्राफ उठे। चरण 2: दोनों लोको की BP व FP पाइप को ट्रेन रेक की BP व FP पाइप से जोड़ें एवं एंगल कॉक खोलें। चरण 3, स्लेव लोको में: (a) दोनों केबिन में SA-9 रिलीज़्ड रखें, BC गेज पर '0' दाब देखें; (b) A-9/DBC को आपातकालीन स्थिति पर लाएं — लोको एवं रेक पर ब्रेक लगते हैं; (c) A-9/DBC को न्यूट्रल स्थिति पर लाएं एवं हैंडल निकालें।
- (a) 'D' पैनल पर अतिरिक्त BL स्विच में BL की डालें, OFF से D पर ले जाएं — अतिरिक्त LSDJ जलता है (यह स्लेव लोको सक्रिय करता है)। (b) ~35-40 सेकंड बाद, स्लेव लोको Node 504 पर पहुंचता है एवं D पैनल पर अतिरिक्त BPFA जलता है (यह स्लेव लोको में VCU बूट-अप है)। (c) अतिरिक्त BL की को D से OFF पर ले जाएं एवं निकालें — स्लेव लोको का DDU तब Node 612 दिखाता है (स्लेव लोको 'सेल्फ-होल्ड मोड सक्रिय' में)। (d) 'A' पैनल में BL की डालें, OFF से D पर ले जाएं, 35-40 सेकंड प्रतीक्षा करें — DDU दोनों मास्टर व स्लेव लोको हेतु Node 504 दिखाता है। (e) मास्टर लोको से लोकोमोटिव जोड़ी को ठीक सिंगल WAP7 की तरह ऊर्जीकृत करें — ट्रेन कॉन्फ़िगरेशन स्क्रीन से पुश-पुल संयोजन जांचा जा सकता है।
- वास्तविक तथ्य: यदि ZNN स्विच OFF है, मास्टर एवं स्लेव लोको दोनों के VCB BLDJ स्विच के माध्यम से एक साथ खुलते/बंद होते हैं। मास्टर लोको के DDU पर प्रदर्शित नोड जानकारी मास्टर एवं स्लेव लोको दोनों की स्थिति कवर करती है — स्लेव लोको की स्थिति मास्टर लोको के DDU पर एक समर्पित 'Slv' कॉलम में दिखाई जाती है।
वास्तविक न्यूट्रल-सेक्शन नेगोशिएशन निर्देश
- (a) 500m बोर्ड पर, सिग्नल पहलू एवं सेक्शन गति प्रतिबंधों का पालन करते हुए, अधिकतम गति प्राप्त करें। (b) 250m बोर्ड पर, थ्रॉटल शून्य पर लाएं एवं ZNN ON करें। (c) DJ-ओपन बोर्ड पर, BLDJ OFF करें एवं सुनिश्चित करें LSDJ जल रहा है। (d) DJ-क्लोज़ बोर्ड पर, BLDJ ON करें एवं सुनिश्चित करें LSDJ बुझ जाए। (e) मास्टर लोको के 'D' पैनल पर अतिरिक्त BLDJ पूरे समय लगातार बुझा रहता है।
- स्लेव लोको DJ हेतु वास्तविक न्यूट्रल-सेक्शन समय तर्क: (I) मास्टर लोको का DJ OFF होने के बाद, स्लेव लोको का DJ वास्तविक 330 मीटर बाद खुलता है (न्यूनतम रेक लंबाई मानते हुए)। (II) मास्टर लोको का DJ ON होने के बाद, स्लेव लोको का DJ वास्तविक 750 मीटर बाद बंद होता है (अधिकतम रेक लंबाई मानते हुए)। स्लेव लोको के VCB का खुलना/बंद होना मास्टर लोको में Node जानकारी स्क्रीन से सत्यापित किया जा सकता है।
पुश-पुल संचालन में वास्तविक दोष हैंडलिंग
- पुश-पुल संचालन में, स्लेव लोको के DDU पर कोई फॉल्ट संदेश पॉप अप नहीं होते — फॉल्ट संदेश केवल स्लेव लोको में दर्ज होते हैं एवं इसके DDS (डायग्नोस्टिक डेटा सेट) में देखे जा सकते हैं। इसके बजाय फॉल्ट संदेश MASTER लोको के DDU पर LSFI जलते हुए, लोको संख्या सहित, पॉप अप होते हैं — LP को लोको संख्या से समझना चाहिए कि दोष मास्टर या स्लेव लोको में है, एवं TSD (ट्रबल शूटिंग डायरेक्टरी) अनुसार सुधारात्मक कार्रवाई करनी चाहिए।
- वास्तविक संचार-विफलता व्यवहार: यदि मास्टर एवं स्लेव लोको के बीच संचार विफल हो, मास्टर लोको के DDU पर एक 'COMMUNICATION DISTURBANCE' संदेश दिखता है, एवं 2 वास्तविक कार्रवाई स्वचालित रूप से होती हैं: (i) मास्टर लोको में VCB ट्रिपिंग; (ii) स्लेव लोको में VCB ट्रिपिंग एवं पेंटोग्राफ नीचे होना। मास्टर लोको फिर VCB बंद करके सामान्य रूप से चलाया जा सकता है।
- वास्तविक 1-घंटा सेल्फ-होल्ड सीमा: स्लेव लोको में संचार विफलता + VCB ट्रिपिंग + पेंटो लोअरिंग के बाद, यह केवल 1 घंटे हेतु सेल्फ-होल्ड मोड में रहता है। इस विंडो के दौरान, किसी भी सुविधाजनक ठहराव पर मास्टर-स्लेव संयोजन पुनःविन्यस्त करें, या TSD अनुसार एक सुविधाजनक ठहराव/अनिर्धारित-ठहराव स्टेशन पर स्लेव लोको डेड बनाएं। पुनःविन्यास या स्लेव लोको डेड बनाना इस 1-घंटा सेल्फ-होल्ड विंडो के भीतर अवश्य किया जाना चाहिए — अन्यथा स्लेव लोको से ट्रेन में आपातकालीन ब्रेक लागू होते हैं, इसे किसी भी (संभवतः असुविधाजनक) स्थान पर रोकते हुए।
पुश-पुल संचालन में, केवल मास्टर लोको के होटल-लोड कन्वर्टर (यदि प्रदान किए गए) सेवा में हैं — इसलिए होटल लोड के IVC व UIC कपलर केवल फ्रंट पावर कार से जम्पर सहित प्रदान किए जाते हैं। स्लेव लोको एवं रियर पावर कार के बीच होटल-लोड कन्वर्टर का कोई IVC व UIC जम्पर नहीं जोड़ा जाना है।
- सभी जम्पर बरकरार एवं उचित रूप से सुरक्षित होने की जांच करें। जब ट्रेन पुल-पुश मोड में संचालित हो, जम्पर को परेशान न करें। पुल-पुश मोड में कार्य करते समय, स्लेव लोको में BL की संचालित नहीं की जानी चाहिए।