रेखाएँ और कोण
- पूरक कोणों का योग 90° और संपूरक कोणों का योग 180° होता है। एक सीधी रेखा पर कोणों का योग 180° और एक बिंदु के चारों ओर 360°।
- शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।
- समांतर रेखाओं और एक तिर्यक रेखा में: संगत कोण बराबर, एकांतर अंतः कोण बराबर, और एक ही ओर के अंतः कोणों का योग 180°।
त्रिभुज
- त्रिभुज के कोणों का योग 180° है। बहिष्कोण दोनों सम्मुख अंतः कोणों के योग के बराबर होता है।
- कोई भी दो भुजाएँ मिलकर तीसरी से लंबी होती हैं। सबसे बड़ी भुजा सबसे बड़े कोण के सामने होती है।
- पाइथागोरस: समकोण त्रिभुज में कर्ण² = आधार² + लंब²। सामान्य त्रिक: 3-4-5, 5-12-13, 8-15-17, 7-24-25।
- सर्वांगसमता की कसौटियाँ: SSS, SAS, ASA (या AAS) और RHS। समरूप त्रिभुजों के कोण बराबर और भुजाएँ समानुपाती होती हैं; उनके क्षेत्रफलों का अनुपात भुजाओं के अनुपात का वर्ग होता है।
- आधारभूत समानुपातिकता (थेल्स): एक भुजा के समांतर रेखा अन्य दो भुजाओं को समान अनुपात में बाँटती है। दो भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा तीसरी के समांतर और उसकी आधी होती है।
| केंद्र | किनका मिलन बिंदु | टिप्पणी |
|---|---|---|
| केन्द्रक | माध्यिकाएँ | प्रत्येक माध्यिका को शीर्ष से 2 : 1 में बाँटता है |
| परिकेंद्र | लंब समद्विभाजक | समकोण त्रिभुज में कर्ण का मध्य-बिंदु |
| अंतःकेंद्र | कोण समद्विभाजक | अंतर्वृत्त का केंद्र |
| लंबकेंद्र | शीर्षलंब | समकोण त्रिभुज में समकोण वाला शीर्ष |
चतुर्भुज और बहुभुज
- चतुर्भुज के कोणों का योग 360° है। समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ और कोण बराबर होते हैं और विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं। समचतुर्भुज के विकर्ण समकोण पर समद्विभाजित करते हैं; आयत के विकर्ण बराबर होते हैं।
- n भुजाओं वाला बहुभुज: अंतः कोणों का योग (n − 2) × 180°; बहिष्कोणों का योग सदैव 360°। सम बहुभुज का प्रत्येक बहिष्कोण = 360°/n, इसलिए सम षट्भुज के बहिष्कोण 60° और अंतः कोण 120° होते हैं।
- n भुजाओं वाले बहुभुज के विकर्णों की संख्या = n(n − 3)/2। षट्भुज के 9 विकर्ण होते हैं।
वृत्त
- कोई चाप केंद्र पर जो कोण बनाता है वह शेष वृत्त पर बने कोण का दोगुना होता है। अर्धवृत्त में कोण 90° होता है। एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर होते हैं।
- चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180° होता है।
- स्पर्श रेखा स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या के लंबवत होती है। बाहरी बिंदु से खींची गई दोनों स्पर्श रेखाएँ लंबाई में बराबर होती हैं।
- केंद्र से डाला गया लंब जीवा को समद्विभाजित करता है। केंद्र से 6 सेमी दूर 16 सेमी की जीवा: त्रिज्या = √(8² + 6²) = 10 सेमी।
निर्देशांक ज्यामिति
| राशि | सूत्र |
|---|---|
| (x₁, y₁) और (x₂, y₂) के बीच दूरी | √[(x₂ − x₁)² + (y₂ − y₁)²] |
| मध्य-बिंदु | ((x₁ + x₂)/2, (y₁ + y₂)/2) |
| m : n अनुपात में बाँटने वाला बिंदु | ((mx₂ + nx₁)/(m + n), (my₂ + ny₁)/(m + n)) |
| त्रिभुज का केन्द्रक | ((x₁ + x₂ + x₃)/3, (y₁ + y₂ + y₃)/3) |
| त्रिभुज का क्षेत्रफल | ½ |x₁(y₂ − y₃) + x₂(y₃ − y₁) + x₃(y₁ − y₂)| |
आम गलतियाँ
बहुभुज के अंतः कोणों का योग n × 180° लेना; केन्द्रक (माध्यिकाएँ) को परिकेंद्र समझ लेना; और यह भूलना कि समरूप आकृतियों में क्षेत्रफल भुजाओं के अनुपात के वर्ग के अनुसार बदलता है।