यह अध्याय एक पुरानी-पीढ़ी, टैप-चेंजर-नियंत्रित AC EMU (आधुनिक IGBT-आधारित थ्री-फेज़ EMU से भिन्न) के वास्तविक पावर एवं सहायक परिपथ का वर्णन करता है — सटीक छत-से-मोटर परिपथ पथ, नॉच-दर-नॉच टैप-चेंजर अनुक्रमण, एवं प्रत्येक सहायक उप-परिपथ।
छत उपकरण एवं ट्रांसफार्मर — वास्तविक परिपथ पथ
पेंटोग्राफ एयर-ब्लास्ट सर्किट ब्रेकर (ABB) के माध्यम से 25kV केबल की छत बुशिंग से जुड़ता है, जिसके लाइव साइड पर अर्थ हेतु एक सर्ज डाइवर्टर है। छत पर लगे अर्थिंग स्विच में दो अर्थिंग ब्लेड हैं जो बंद स्थिति में ABB आइसोलेटर आर्म के दोनों ओर संपर्क करते हैं — पेंटोग्राफ एवं ट्रांसफार्मर प्राइमरी वाइंडिंग दोनों को एक साथ अर्थ करते हुए।
छत बुशिंग से 25kV केबल आपातकालीन चालन केबिन से गुज़रती है एवं एक अन्य बुशिंग के माध्यम से ट्रांसफार्मर में प्रवेश करती है, प्राइमरी वाइंडिंग से जुड़ते हुए। ट्रांसफार्मर का रिटर्न (सेकंडरी-साइड अर्थ पथ) सभी चार एक्सल की ट्रैक्शन मोटरों पर अर्थ ब्रश से जुड़े एक इंसुलेटेड केबल द्वारा बाहर लाया जाता है — ये अर्थ ब्रश मोटर फ्रेम से इंसुलेटेड हैं, ट्रांसफार्मर रिटर्न को उपकरण केस एवं अंडरफ्रेम की अर्थिंग से स्वतंत्र रखते हुए।
प्राइमरी ओवरलोड सुरक्षा एक करंट ट्रांसफार्मर के माध्यम से संचालित रिले का उपयोग करती है: प्राइमरी ओवरलोड रिले (OLP) अर्थ-फॉल्ट रिले (EFR) के साथ एक साझा इंटरलॉक एवं रीसेट कॉइल सेट वाले डबल-एलिमेंट रिले के रूप में संयुक्त है। किसी भी एलिमेंट के ट्रिप होने से ABB खुलता है; दोनों ट्रिप एलिमेंट में फ्लैग हैं जो दिखाते हैं कि किस रिले ने ट्रिप कारण बनाया — विद्युत रीसेट के बाद भी फ्लैग बना रहता है एवं मैन्युअल रूप से रीसेट किया जाना चाहिए।
| वास्तविक पैरामीटर | मान |
|---|---|
| Transformer secondary windings | Two separate windings, each 350V |
| First-half tapped section | Divided into 5 sections of 70V each |
| Surge-protection capacitors across secondaries to earth | 2 capacitors, 0.05 μF each |
| Winding-grouping switch contacts | W1 (LV) / W2 (HV) — off-load operation only |
| Tap-changer contactors | T1 to T9 |
| Reactor used for alternate-notch transitions | TL |
नॉचिंग अनुक्रम के पहले आधे में, केवल सेकंडरी का टैप किया गया भाग उपयोग होता है; शेष नॉच हेतु दोनों खंड सीरीज़ में जुड़ते हैं। टैप-चेंजर कॉन्टैक्टर T1-T6 ट्रांसफार्मर टैपिंग से जुड़ते हैं एवं आवश्यक वोल्टेज चुनते हैं; T7 एवं T8 (रिएक्टर TL सहित) रिएक्टर के परिपथ में होने एवं न होने के साथ वैकल्पिक नॉच देते हैं — TL के साथ परिपथ में एक सीरीज़ प्रतिरोधक भी है, T9 बंद होने पर तुरंत काटा जाता है, परिसंचारी धारा कम करके खुलने वाले कॉन्टैक्टर पर ड्यूटी आसान करने हेतु। चयनित आउटपुट वोल्टेज ओवरलोड-रिले ट्रिप कॉइल OL5 एवं OL6 के माध्यम से मुख्य रेक्टिफायर यूनिट को फीड करता है।
ड्रॉपिंग रिएक्टर DL — वास्तविक 3 उद्देश्य
रिएक्टर DL उन सभी नॉच हेतु आउटपुट के साथ सीरीज़ में बैठता है जहां केवल सेकंडरी का टैप किया गया आधा भाग परिपथ में है। इसके तीन वास्तविक उद्देश्य: (1) कम टैप पर नॉचिंग वक्रों को तीव्र करना, नॉचिंग-धारा स्विंग कम करते हुए; (2) कम टैप पर ट्रांसफार्मर की शॉर्ट-सर्किट रिएक्टेंस बढ़ाना; (3) दो अतिरिक्त नॉच, 11 एवं 12, प्रदान करना।
मुख्य ट्रांसफार्मर पर दो तृतीयक वाइंडिंग क्रमशः AC सहायक मशीनों एवं DC लो-टेंशन परिपथों को फीड करती हैं।
टैप-चेंजर नॉच अनुक्रम — वास्तविक 23-नॉच संरचना
टैप चेंजर 23 वास्तविक नॉच से गुज़रता है, 4 मास्टर-कंट्रोलर स्थितियों से जुड़े। प्रत्येक नॉच के सटीक कॉन्टैक्टर संयोजन को सूचीबद्ध करने के बजाय, नीचे दिए गए संरचनात्मक स्थल समझने (एवं परीक्षा प्रयोजनों) हेतु सबसे महत्वपूर्ण हैं:
| वास्तविक स्थल नॉच | वास्तविक महत्व |
|---|---|
| Notch 1 | T1, T7, T9 closed — one 70V section (M3-M4) in circuit with reactor TL in series |
| Notch 2 — SHUNT notch | T1, T8 closed — section M3-M4 direct. Moving the master controller handle to position I lets the equipment proceed automatically up to this notch. |
| Notch 10 | T5, T8 closed — full voltage of the tapped half (M3-M8) applied to rectifiers, DL still in series |
| Notch 11 | T6, T8, T9 closed — untapped half of winding (M1-M2) now in circuit with TL in series, but DL no longer in circuit |
| Notch 12 — HALF POWER connection | T6, T7 closed — untapped winding section to rectifier direct. Moving the master controller handle to position 2 (half power) lets notching proceed automatically up to this notch. |
| Notch 13 | Moving the handle beyond position 2 throws the winding-grouping switch from LV to HV (W1 opens, W2 closes); transition completes when T1 closes and T6 opens, then T9 closes — connecting the untapped winding plus one tapped section (M1-M4) |
| Notch 22 — FULL (PUT.I) POWER connection | T5, T8 closed — connecting the full secondary winding (M1-M8) direct. Selected by moving the master controller handle to position 3 (full power). |
| Notch 23 — WEAK FIELD | Moving the handle to position 4 (weak field) closes the four field-weakening contactors F1-F4, giving the highest running speed. |
- विषम → सम नॉच (जैसे नॉच 1 → नॉच 2, T1/T7/T9 बंद होने पर): संक्रमण तब शुरू होता है जब T8 बंद होता है, रिएक्टर TL को शॉर्ट-सर्किट करते हुए। T7 एवं T9 फिर अगले संक्रमण की तैयारी में ऑफ-लोड खुलते हैं, नॉच-2 परिपथ सेट करते हुए (T1, T8 बंद)।
- सम → विषम नॉच (जैसे नॉच 2 → नॉच 3): संक्रमण तब शुरू होता है जब T2 बंद होता है, (T1 एवं T8 के माध्यम से लोड धारा के अतिरिक्त) T2, रिएक्टर TL, एवं संक्रमण प्रतिरोधक (M39-M11) के माध्यम से एक परिसंचारी धारा सेट करते हुए। T1 फिर खुलता है, एवं संक्रमण T9 बंद होने पर पूर्ण होता है — यह संक्रमण प्रतिरोधक को शॉर्ट-सर्किट करता है, नॉच-3 परिपथ देते हुए (T2, T8, T9 बंद)।
ट्रांसफार्मर ओवरलोड सुरक्षा — OL5/OL6 वास्तविक तर्क
दो ओवरलोड रिले कॉइल OL5 एवं OL6 एक डबल-एलिमेंट ओवरलोड रिले बनाते हैं: OL5 रेक्टिफायर या मोटर परिपथों में दोष से प्रत्यक्ष ओवरलोड से बचाता है; OL6 चार टैप-चेंज कॉन्टैक्टर के एक साथ बंद होने से बचाता है (जैसे T1, T2, T7 एवं T8) — सामान्य इंटरलॉकिंग के अंतर्गत विद्युत रूप से असंभव, एवं केवल तभी पता लगाया जा सकता है यदि कोई कॉन्टैक्टर यांत्रिक रूप से विफल हो। OL5 या OL6 में से किसी के ट्रिप होने से ABB खुलता है।
रेक्टिफायर एवं ट्रैक्शन मोटर परिपथ
सिलिकॉन-रेक्टिफायर असेंबली में छह समानांतर ब्रिज परिपथ होते हैं, प्रत्येक ब्रिज अपने AC साइड पर फ्यूज़ द्वारा संरक्षित, रेक्टिफायर ब्रिजों को AC इनपुट के आर-पार एक सर्ज-अवशोषक कैपेसिटर एवं सीरीज़ प्रतिरोधक सहित। रेक्टिफायर आउटपुट एक स्मूथिंग रिएक्टर के माध्यम से मोटर परिपथों तक जाता है। चार ट्रैक्शन मोटर समानांतर व्यवस्थित हैं, चार मोटर कॉन्टैक्टर M1-M4 के माध्यम से जुड़े। प्रत्येक मोटर का अपना ओवरलोड रिले है जो ओवरलोड पर अपना मोटर कॉन्टैक्टर ट्रिप करता है; घूर्णन दिशा मोटर फील्ड-वाइंडिंग कनेक्शन उलटकर उलटी जाती है।
| सुरक्षा विशेषता | वास्तविक मान/कार्य |
|---|---|
| Current-limit relay (motors 1 & 3), normal setting | 625 A — controls automatic acceleration |
| Current-limit relay, reduced setting | 550 A — reduced immediately before the notch-10→11 transition, and again before weak field |
| Current-limit relay setting with any motor cut-out (via MCOS) | 450 A |
| Earth Fault Relay (EFR) | Trips ABB on an earth fault anywhere in the motor circuit; carries a flag indicating a trip occurred |
| No-Volt Relay (NVR) | Opens traction-circuit contactors on failure of line voltage |
मोटर कट-आउट स्विच (MCOS) यूनिट को किसी एक मोटर के कटे होने, या मोटरों की एक पूरी बोगी-जोड़ी कटी होने के साथ संचालित होने देते हैं।
सहायक परिपथ — 266V AC एवं 141V AC
दो अलग वास्तविक सहायक परिपथ मौजूद हैं: नाममात्र 266V AC एवं 110V DC (141V AC परिपथ से फीड)। 266V AC परिपथ तृतीयक वाइंडिंग aux.2 से फीड होता है एवं स्टैटिक बैटरी चार्जर तथा इंडक्शन-मोटर-चालित सहायक मशीनों को फीड करता है: ऑइल पंप (OP), दो रेडिएटर फैन (KF1, KF2), एवं मुख्य रेक्टिफायर फैन (RF)। ये कैपेसिटर-स्टार्ट-एंड-रन सिंगल-फेज़ इंडक्शन मोटर हैं, प्रत्येक लाइव साइड पर अपने MCB फ्यूज़ द्वारा संरक्षित। एक नो-वोल्ट रिले (NVR) — एक ब्रिज-कनेक्टेड रेक्टिफायर से फेड DC रिले — 266V आपूर्ति के सीधे आर-पार बैठता है, ट्रांसफार्मर-लाइव विफलता का पता लगाते हुए; लाइन-वोल्टेज विफलता पर, NVR ड्रॉप आउट होता है एवं कॉन्टैक्ट NVR1/NVR2 के माध्यम से ट्रैक्शन परिपथ डिस्कनेक्ट करता है, अपने MCB द्वारा संरक्षित। Aux.2 वाइंडिंग वायरिंग दोषों से दो मुख्य फ्यूज़, AF1 एवं AF2, द्वारा संरक्षित है, ट्रांसफार्मर कनेक्शन चैंबर के भीतर।
141V AC परिपथ दूसरी तृतीयक वाइंडिंग, aux.1, से फीड होता है, एवं ट्रांसफार्मर कनेक्शन चैंबर के भीतर फ्यूज़ AF3/AF4 द्वारा संरक्षित। एक रेक्टिफायर-फेड रिले LTR यह सिद्ध करता है कि फ्यूज़ AF3/AF4 बरकरार हैं एवं aux.1 का वोल्टेज सहायक आपूर्ति रेक्टिफायर (ASR) तक पहुंचता है; LTR का परिपथ MCB द्वारा संरक्षित है। एक सर्ज-सप्रेशन कैपेसिटर सीरीज़ प्रतिरोधक सहित ASR इनपुट के आर-पार बैठता है।
कंप्रेसर, फैन एवं बैटरी परिपथ — वास्तविक ट्रेन-लाइन तारें
- मुख्य-कंप्रेसर मोटर: फ्यूज़ AF10 + स्थायी सीरीज़ प्रतिरोधक द्वारा संरक्षित; इसका कॉन्टैक्टर CC1 कंप्रेसर गवर्नर के माध्यम से एक ट्रिप-एंड-सेट रिले CR द्वारा नियंत्रित। पूरी ट्रेन में कंप्रेसर सिंक्रोनाइज़िंग ट्रेन-लाइन तार 13 का उपयोग करती है। किसी भी चालन केबिन में COMPRESSOR SET बटन दबाने से ट्रेन लाइन 12 एनर्जाइज़ होती है, ट्रेन में सभी कंप्रेसर रिले सेट करते हुए, एवं कॉन्टैक्ट CR/1 प्रत्येक यूनिट का कंप्रेसर-कॉन्टैक्टर कॉइल (CCI) परिपथ बंद करता है, कंप्रेसर कॉन्टैक्टर बंद करते हुए। COMPRESSOR TRIP दबाने से ट्रेन लाइन 42 एनर्जाइज़ होती है, कंप्रेसर रिले एवं कॉन्टैक्टर ट्रिप करते हुए। एक सील्ड स्विच GS3 मुख्य-कंप्रेसर गवर्नर को शॉर्ट-सर्किट करता है यदि यह खुला अटक जाए; तार 1445-1446 के बीच एक ब्लॉकिंग रेक्टिफायर मल्टीपल में कार्य करते समय दो यूनिटों की बैटरियों को समानांतर होने से रोकता है।
- वेंटिलेटिंग फैन: दो यूनिट लाइन 29 एवं 30 से फेड, गार्ड नियंत्रण के अंतर्गत एक डबल-पोल फैन कॉन्टैक्टर के माध्यम से एनर्जाइज़्ड (लैच्ड प्रकार — चालन-ट्रेलर केबिन में FANS ON/FANS OFF बटन से क्षणिक पल्स इसे संचालित करते हैं)। फ्यूज़ VF1/VF2 या MCB द्वारा संरक्षित।
- बैटरी परिपथ: बैटरी धनात्मक/ऋणात्मक फ्यूज़ BF1/BF2 के माध्यम से एक 200A डबल-पोल रोटरी बैटरी-आइसोलेटिंग स्विच से जिसमें चार स्थितियां हैं — OFF, NORMAL, OFF, CHARGE। किसी भी OFF स्थिति में बैटरी पूर्णतः पृथक। CHARGE में, बाहरी-आपूर्ति चार्जिंग हेतु बैटरी आपातकालीन केबिन में एक चार्जिंग सॉकेट से जुड़ती है। NORMAL में, बैटरी तार DIG एवं GD से जुड़ती है, सहायक कंप्रेसर, आपातकालीन लाइट, एवं नियंत्रण परिपथों को आपूर्ति करते हुए। एक बार 266V AC सहायक परिपथ एनर्जाइज़्ड होने पर स्टैटिक बैटरी चार्जर बैटरी को फीड करता है।
- सहायक कंप्रेसर मोटर: MCB फ्यूज़ द्वारा संरक्षित, सहायक-कंप्रेसर कॉन्टैक्टर CC2 द्वारा नियंत्रित (नियंत्रण धनात्मक से MCB के माध्यम से फेड)। सहायक-कंप्रेसर गवर्नर पर एक सील्ड स्विच GS4 गवर्नर विफलता पर बंद किया जा सकता है। इंटरलॉक ABR/1 जब भी ABB खुला हो सहायक-कंप्रेसर परिपथ पृथक करता है।
आपातकालीन लाइट, नियंत्रण आपूर्ति एवं मुख्य लाइट
- दो आपातकालीन लाइटिंग परिपथ सीधे बैटरी से फेड हैं। आपातकालीन हेड/टेल लाइट फ्यूज़ EHTF एवं आपातकालीन हेड-एंड-टेल-लाइट रिले पर एक कॉन्टैक्ट के माध्यम से फेड हैं — यदि सामान्य हेड/टेल लाइट की आपूर्ति विफल हो, यह रिले खुलता है एवं आपातकालीन लैंप स्वतः जलाता है। आपातकालीन कोच लाइट फ्यूज़ ELF एवं गार्ड नियंत्रण के अंतर्गत एक डबल-पोल लाइटिंग कॉन्टैक्टर के एक पोल, तथा एक आपातकालीन-लाइटिंग रिले के कॉन्टैक्ट के माध्यम से फेड हैं — यदि मुख्य लाइटिंग परिपथों की आपूर्ति विफल हो, रिले खुलता है एवं आपातकालीन लाइट जल जाती हैं। प्रत्येक कोच का अपनी आपातकालीन लाइटिंग नियंत्रित करने वाला अपना रिले है।
- पूरी यूनिट को नियंत्रण-परिपथ आपूर्ति नियंत्रण फ्यूज़ CF के माध्यम से यूनिट तार 14 तक फेड है; सहायक कंप्रेसर-गवर्नर परिपथ एवं LT वोल्टमीटर भी इसी फ्यूज़ के माध्यम से फेड हैं।
- मुख्य लाइटिंग परिपथ नियमित 110V आपूर्ति (तार D8 एवं GD) से फेड हैं, फ्यूज़ MLSF द्वारा संरक्षित, आपातकालीन लाइट हेतु उपयोग किए गए उसी डबल-पोल लाइटिंग कॉन्टैक्टर के दूसरे पोल द्वारा नियंत्रित (लैच्ड, गार्ड-नियंत्रित, चालन-ट्रेलर केबिन से क्षणिक LIGHTS ON/LIGHTS OFF पल्स)। परिपथ दो हिस्सों में बंटता है, प्रत्येक ट्रेन की आधी लाइट को आपूर्ति करते हुए, प्रत्येक अपने फ्यूज़ — MLF1 एवं MLF2 — द्वारा संरक्षित।