मज़दूरी संदाय अधिनियम, 1936

सभी विभागों के लिए सामान्य स्थापना नियम अध्याय 8/16 7 मिनट पठन स्रोत: अर्ध-आधिकारिक
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मज़दूरी संदाय अधिनियम, 1936 यह सुनिश्चित करता है कि मज़दूरी समय पर, पूरी और बिना मनमानी कटौती के दी जाए। यह रेलवे सहित (सीधे या ठेकेदारों के माध्यम से) औद्योगिक प्रतिष्ठानों में नियोजित उन व्यक्तियों पर लागू है जिनकी मज़दूरी केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित सीमा के भीतर है।

मज़दूरी अवधि और भुगतान का समय

बिंदुनियम
मज़दूरी अवधिनियोक्ता द्वारा तय; कभी 1 महीने से अधिक नहीं
1,000 से कम व्यक्ति नियोजितमज़दूरी अवधि के बाद 7वें दिन की समाप्ति से पहले भुगतान
1,000 से अधिक व्यक्ति नियोजितमज़दूरी अवधि के बाद 10वें दिन की समाप्ति से पहले भुगतान
नियोक्ता द्वारा रोज़गार समाप्तसमाप्ति के बाद दूसरे कार्य दिवस के अंत से पहले भुगतान
तरीकाकार्य दिवस पर, प्रचलित सिक्कों या नोटों में, वस्तु के रूप में नहीं

जुर्माना (धारा 8)

कटौतियाँ

सूचनाएँ, रजिस्टर और दावे

⚠️
श्रम संहिताएँ
चार श्रम संहिताएँ 21 नवंबर 2025 से लागू हैं। मज़दूरी संहिता, 2019 अब मज़दूरी संदाय अधिनियम को समाहित करती है। विभागीय प्रश्नपत्र अब भी अधिनियम के नाम से प्रश्न पूछते हैं, इसलिए ऊपर दिए प्रावधान सीखें, पर बदले हुए आँकड़ों के लिए वर्तमान आदेश देखें।

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