विद्युत आपूर्ति संस्थापन

विद्युत अभियांत्रिकी कर्षण वितरण अध्याय 26/87 9 मिनट पठन स्रोत: अर्ध-आधिकारिक
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यह अध्याय 132 kV (या समान) ग्रिड इंटरफेस से रेलवे कर्षण उप-स्टेशनों को फीड करने वाले उपकरणों तथा दोषों को सबसे छोटे संभव खंड तक सीमित रखने वाले सुरक्षा दर्शन को शामिल करता है।

सुरक्षा रिले — वे क्या पहचानते हैं

CT बनाम PT — भ्रमित न हों
  • करंट ट्रांसफार्मर (CT) — लाइन के साथ श्रृंखला में जुड़ा, उच्च धारा को रिले/मीटर हेतु मानक सेकेंडरी (सामान्यतः 1A या 5A) तक घटाता है।
  • पोटेंशियल ट्रांसफार्मर (PT) — लाइन के समानांतर जुड़ा, उच्च वोल्टेज को रिले/मीटर हेतु मानक सेकेंडरी (सामान्यतः 110V) तक घटाता है।
  • प्राथमिक धारा प्रवाहित रहते हुए CT सेकेंडरी को कभी भी खुला-सर्किट नहीं छोड़ना चाहिए — इसमें खतरनाक रूप से उच्च वोल्टेज विकसित हो सकता है।
🎯
परीक्षा पर ध्यान
एक क्लासिक ट्रैप प्रश्न: 'यदि CT सेकेंडरी खुला-सर्किट हो जाए तो क्या होता है?' — उत्तर है खुले टर्मिनलों में खतरनाक रूप से उच्च वोल्टेज, न कि सहज बुद्धि के अनुसार शून्य धारा।

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